Rakshabandhan : the purity which can’t be understood

Raksha Bandhan is a popular festival in India, especially North India. The festival depicts the love of brothers and sisters. On this day sisters tie a thread called ‘Rakhi’ around her brother’s wrist. She prays to God for the safety of her brother and to lead him to good path.The brother in return gives her sweets and blesses her with good wishes. 


Raksha Bandhan is not only for meant for siblings, but for protection for any loved one. ‘Raksha’ means protection and ‘bandhan’ means bond. Hence the festival does not signify bond between a brother and sister only.

Once Indra, the God of Heaven was about to go into battle and was feeling a little apprehensive. When his wife tied a sacred thread to his arm for his protection and assurance all his fears vanished and he was successful in all his endeavors. From then on began the tradition of celebrating Raksha Bandhan. A festival of protection for loved ones. I think people are being led away from the true meanings of some happenings because they follow traditions, instead of finding the true meaning and stems of these traditions.

कैलाश के निवासी lyrics

कैलाश के निवासी नमू बार बार हु  नमू बार बार हु

आयो शरण तिहारी प्रभु तार तार तू , तार तार तू

कैलाश के निवासी नमू बार बार हु

नमू बार बार हु

आयो शरण तिहारी प्रभु तार तार तू

भक्तो को कभी शिव तुने निराश ना किया,

माँगा जिन्हें जो जहाँ वरदान दे दिया,

बड़ा हैं तेरा दायजा , बड़ा दातार तू, बड़ा दातार तू

आयो शरण तिहारी प्रभु तार तार तू

कैलाश के निवासी नमू बार बार हु नमू बार बार हु

आयो शरण तिहारी प्रभु तार तार तू

बखान क्या करू में राखो के ढेर का,

चपटी बभूत में हैं खजाना कुबेर का,

हैं गंग धार, मुक्ति द्वार, ओम्कार तू  प्रभु ओम्कार तू

आयो शरण तिहारी प्रभु तार तार तू

कैलाश के निवासी नमू बार बार हु, नमू बार बार हु

आयो शरण तिहारी प्रभु तार तार तू …..

क्या क्या नहीं दिया हे हम क्या प्रमाण दे

बसे गए त्रिलोक शम्भू तेरे दान से
ज़हर पिया , जीवन दिया, कितना 

उदार तू , कितना उदार तू
आयो शरण तिहारी प्रभु तार तार तू

कैलाश के निवासी, नमू बार बार 

हु, नमू बार बार हु

आयो शरण तिहारी प्रभु तार तार तू ….

तेरी कृपा बिना न हींले एक भी अनु

लेते हैं स्वास तेरी दया से कनु कनु

कहे ‘दास’ एक बार मुझको                                             निहार तू, मुझको निहार तू

आयो शरण तिहारी प्रभु तार तार तू

कैलाश के निवासी, नमू बार बार 

हु, नमू बार बार हु

आयो शरण तिहारी प्रभु तार तार तू ….